Difference between BS-IV AND BS-VI ENGINE

Difference between BS-IV AND BS-VI ENGINE

हेल्लो दोस्तो आज का सबसे अहम सवाल जो कि सभी को जानने की इक्छा होती है कि क्या है ये BS-VI ENGINE  तो आपको ये जानना जरूरी भी है कि क्यू हम BS-IV से BS-VI की ओर अग्रसर होने जा रहे है।

क्या बला क्या टेक्नोलॉजी है जिससे हमें हर 5 साल 10 साल के बाद सामना करना पड़ता है। क्या है जो BS-IV में नही था और BS-VI में बदलाव करके लाया गया है।

आज यहाँ हम इन्ही सब बातों पर चर्चा करने वाले है तो मेरे इस आर्टिकल को ध्यान से पड़े। मै आपको बताऊंगा की की आखिर BS-IV औऱ BS-VI में क्या अंतर है।

तो इसके लिए सबसे पहले आपको ये जानना चाहिए कि BS का मतलब होता क्या है ?

इसका मतलब है:

BHARAT STAGE EMISSION STANDARDS

हमारी सरकार इस Norms को सन 2000 में लेकर आई थी ये वो EMISSION STANDARD है जो हमारे भारत के केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया था। इस Norms  को लाने का मकसद हमारे देश के प्रदूषण को नियंत्रित कर प्रदूषण रहित भारत बनाना था जो कि हर देश के लिए आज के दौर में बहुत बड़ा सवाल है।

हमारे देश मे ऐसे विभिन्न प्रकार के Norms को CENTRAL POLLUTION CONTROL BOARD के द्वारा जो कि MINISTRY OF ENVIRONMENT AND FOREST AND CLIMATE CHANGE के अंतर्गत है और इस तरह के कई Norms को इनके तहत लागू किया जा रहा है।

BHARAT STAGE NORMS EUROPEAN REGULATIONS के ऊपर आधारित है

EUROPEAN Norms जिसे हमारे भारत ने BHARAT STAGE के नाम से अपनाया है जिसमे POLLUTANT को छोड़ने की एक MAXIMUM LIMIT निर्धारित की गई है जैसे कि CARBON DIOXIDE, NITROGEN OXIDE, SULPHUR औऱ साथ ही SUSPENDED PARTICULATE MATTER

जैसे कई POLLUTANTS को नियंत्रित करने के लिए CENTRAL POLLUTION CONTROL BOARD के द्वारा BHARAT STAGE EMISSION STANDARDS के तहत लागू किया जा रहा है। औऱ इस तरह हम धीरे धीरे अपने देश के सभी शहरों को प्रदूषण रहित बनाने के लिए कार्यशील है।

अब बात करते है आज के BS-IV औऱ BS-VI में महत्वपूर्ण अन्तर की बात।

FIRST OF ALL हम देखते है प्रदूषण को रोकने के लिए PETROL EMISSION NORMS में क्या बदलाव लाया गया है।

PETROL EMISSION NORMS (All Figures In g/km)

Emission Norm 

CO 

HC NOx HC+NOx PM
BS-III2.30 0.20 0.15— — 
BS-IV1.00 0.10 0.08— — 
EURO1.00 0.10 0.06 0.005
DIESEL EMISSION NORMS (All Figures In g/km)

Emission Norm 

CO 

HC NOx HC+NOx PM
BS-III0.64 0.500.560.05
BS-IV0.500.25 0.300.025
EURO0.500.060.170.005

यहाँ कार्बन डाइऑक्साइड या कार्बन मोनोऑक्साइड EMISSION मुख्यतः पेट्रोल इंजिन में पाया जाता है, औऱ ज्यादा समय तक इनके संपर्क में आने से ऑक्सीजन का आवागमन भी कम हो सकता है जिससे सिरदर्द औऱ स्वास लेने में दिक्कत आ सकती है।

HC EMISSION या हाइड्रोकार्बन मुख्यतः पेट्रोल इंजिन में पाया जाता है औऱ कम समय में इनके संपर्क में आने से वोमेटिंग औऱ चक्कर आने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

NOx EMISSION या NITROGEN OXIDE EMISSION मुख्यतः DIESEL ENGINE में पाया जाता है औऱ इसके संपर्क में आने से कान औऱ आँखों में जलन हो सकती हैं

औऱ इसके कारण हमारा LUNG TISSUE DAMAGE होने की संभावना हो सकती है। BECAUSE PM या PARTICULATE MATTER मुख्यतः DIESEL ENGINE में पाया जाता है इसके संपर्क में आने से आपके स्वास नली औऱ LUNG का कार्य करना बंद कर सकता है।

ABOVE ALL दोस्तो आप अब तक समझ गए होंगे कि हमारे देश में BS-VI का आना कितना फायदेमंद होगा जब इन सभी POLLUTANT को कम किया जाना सफ़ल होगा। तो अब तक BS-VI ENGINE को लाने वाली सबसे पहली कंपनी HONDA 2WHEELER है जिन्होंने ACTIVA 125 नाम की स्कूटर का निर्माण करने में सफलता प्राप्त की

औऱ इसी के साथ  AUTOMOBILES सेक्टर में 2-WHEELER से लेकर 4-WHEELER की सभी कंपनियों ने BS-VI NORMS के साथ अपना अपना योगदान देते हुए नई टेक्नोलॉजी के साथ आगे आ रहीं हैं।

FIRST OF ALL अब हम बात करते है कि BS-VI में आने वाले महत्वपूर्ण बदलाओ क्या किये गए हैं।

BS-VI NORMS की  गाड़ियों में DPF (DIESEL PARTICULATE FILTER) को लगाया गया है जिससे PARTICULATE MATTER की REDUCTION होगी। जिसके लिए ENGINE CYLINDER के आकार को बढ़ा कर VERTICAL लगाया गया है

SIMILARLY NITROGEN OXIDE को कम करने के लिए SCR (SELECTIVE CATALYTIC REDUCTION) MODULE को लगाया गया है।

MICROPROCESSOR का इस्तेमाल कर LOW EMISSION को प्राप्त करने के लिए सभी REACTION को PRECISE मात्रा में पाने के लिए आवश्यक बनाया गया है।

SO THEREFORE ऐसे PETROL ENGINE बनाने है जिससे CO-EMISSION कम होने के साथ EMISSION को CONTROL में रखा जा सके जिसके लिए GASOLINE DIRECT INJECTION ENGINE का इस्तेमाल किया गया है।

SO THEREFORE ENGINE को EFFICIENT बनाने के लिए इसके आकार को कम किया गया है जिससे जिसके कारण FUEL CONSUMPTION काम होगी।

IMPLEMENTATION TIMELINES OF THE EMISSION NORMS

MAKE TABLE:

BS-VI NORMS की गाड़ियों में INDIAN AUTOMOBILE INDUSTRIES के लिए एक बड़ा CHALLENGE:

AS A RESULT भारत वाहन उद्योग में विश्व का सातवां सबसे बड़ा उद्योगकर्ता है। औऱ इसी वजह से प्रदूषण के मामले में भारत पूरे विश्व मे 9वां स्थान पर आता है। PROBABLY ऐसे समय से पार पाने के लिए भारतीय सरकार ने BS-VI ENGINE को अपनाने का रास्ता सही समझा। पर इस बदलाव में सबसे ज्यादा नुकसान AUTOMOBILE MANUFACTURERS

औऱ साथ ही PETROLEUM INDUSTRY को सबसे बड़ा नुकसान झेलना होगा। जिसमें दोनों INDUSTRIES को अपने INFRASTRUCTURE को UPDATE करने के लिए 60000 करोड़ से 90000 करोड़ तक कि लागत का अनुमान लगाया गया है।

FOR THE REASON THAT दोस्तों बदलाओ भी आवश्यक है हमारे आने वाले नई पीढ़ी के लिए ताकि हमारा देश आगे आने वाले समय प्रदूषण पर एक लगाम लगाने में सफल हो पाए।

FURTHERMORE अभी कुछ ही समय पहले चाइना ने EURO V EMISSION NORMS की शरुवात की है। इस मामले में कुछ देश हमसे आगे चल रहे और उन्हें अगर पीछे कारना है तो हमें भी अपनी टेक्नोलॉजी में बदलाव लाना आवश्यक होगा।

ABOVE ALL आज के दौर मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है इसी के साथ सबका साथ सबका विकाश का नारा लिए हम अग्रसर हो रहे और होना भी अतिआवश्यक है।

So Today We Know About Difference Between BS-IV AND BS-VI ENGINE

धन्यवाद।

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